परचेज़ › सप्लायर के बिल जाँचल
पेमेंट से पहिले सप्लायर के जीएसटी बिल जाँचल
गलत बिल दू बेर नुकसान करेला: पइसा, आ ओह पर ना मिले वाला इनपुट टैक्स क्रेडिट। बिल आवते दू मिनट के ई चेकलिस्ट बाद के लमहर दउड़-धूप बचावेला।
टैक्स इनवॉइस पर का होखे के चाहीं (रूल 46)
- सप्लायर के नाम, पता आ GSTIN। GSTIN जीएसटी पोर्टल पर भा gstin.niveshsahayak.in पर जाँचीं: स्टेट कोड आ चेक डिजिट सही होखे के चाहीं।
- इनवॉइस नंबर (16 अक्षर ले, हर वित्तीय साल के एगो सीरीज) आ तारीख।
- रउआ नाम, पता आ GSTIN। रउआ GSTIN के बिना बिल रउआ GSTR-2B में ना आई।
- माल के HSN कोड भा सर्विस के SAC: ₹5 करोड़ ले टर्नओवर वाला सप्लायर खातिर कम से कम 4 अंक, ओकरा से ऊपर 6 अंक।
- बिबरन, मात्रा आ यूनिट, छूट के बाद टैक्सेबल वैल्यू, जीएसटी रेट आ टैक्स के रकम।
- प्लेस ऑफ सप्लाई सप्लायर के राज्य में होखे त CGST + SGST, ना त IGST। दोसरा राज्य के बिल CGST आ SGST के साथे (भा लोकल बिल IGST के साथे) गलत बा आ ठीक करवावे के पड़ी।
- दू राज्य के बीच सप्लाई में राज्य के नाम के साथे प्लेस ऑफ सप्लाई।
- टैक्स रिवर्स चार्ज में देवे के बा कि ना।
- सप्लायर के दस्तखत भा डिजिटल दस्तखत।
बड़ सप्लायर: IRN आ QR कोड
जवना सप्लायर के कुल टर्नओवर 2017-18 से कवनो साल में ₹5 करोड़ से ऊपर गइल होखे, उनका हर बिजनेस-टू-बिजनेस इनवॉइस ई-इनवॉइस पोर्टल पर रजिस्टर करे के पड़ेला। अइसन बिल पर IRN (64 अक्षर के नंबर) आ QR कोड होला। एकरा बिना बिल सही टैक्स इनवॉइस ना ह (रूल 48(5)), आ ओकर क्रेडिट खतरा में बा। QR कोड कवनो QR ऐप से स्कैन करीं: ओह में GSTIN, बिल नंबर, तारीख आ दाम देखाला, जवन कागज से मेल खाए के चाहीं।
आउर जल्दी वाला जाँच
- हिसाब: मात्रा × रेट, छूट, लिखल रेट पर टैक्स, राउंड ऑफ।
- रउआ ऑर्डर आ मिलल माल से: सही आइटम, सही मात्रा, कवनो फालतू लाइन ना।
- डुप्लीकेट: एके सप्लायर के एके बिल नंबर दू बेर। एहिजा के परचेज़ बुक बतावेला जब रउआ ओह सप्लायर के पहिले से सेव बिल नंबर फेर डालेनी।
- रेट: जीएसटी रेट सितंबर 2025 में बदलल (जादातर माल अब 5% भा 18%, कुछ पर 40%)। बदलाव के बाद के तारीख के बिल पुरान रेट पर होखे त सप्लायर से बात करीं।
बिल सहेज के राखीं
एहिजा बिल लिखत घरी ओकर फोटो जोड़ीं। फोटो छोट कके एह ब्राउज़र में एंट्री के साथे राखल जाला, आ परचेज़ रजिस्टर से एक टैप में खुलेला। असली बिल भी (कागज भा PDF) कानून के बतावल 72 महीना ले राखीं, आ समय-समय पर आपन डेटा के बैकअप फाइल सेव करीं।