परचेज़ › इनपुट टैक्स क्रेडिट की शर्तें
इनपुट टैक्स क्रेडिट: परचेज़ बिल का जीएसटी कब क्लेम कर सकते हैं
आपके परचेज़ बिलों का जीएसटी वह पैसा है जो सरकार आपको वापस देती है, पर तभी जब हर शर्त पूरी हो। ज़्यादातर क्रेडिट कुछ आसान ग़लतियों से छूटता है: सप्लायर ने बिल अपलोड नहीं किया, बिल का पेमेंट कभी नहीं हुआ, या क्लेम बहुत देर से हुआ।
धारा 16(2) की शर्तें
रजिस्टर्ड बिज़नेस किसी खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट तभी ले सकता है जब ये सब सच हों:
- आपके पास सप्लायर का टैक्स इनवॉइस (या डेबिट नोट) है।
- आपको माल या सर्विस मिल चुकी है। आपके कहने पर किसी और को भेजा गया माल भी मिला हुआ माना जाता है।
- सप्लायर ने बिल अपने GSTR-1 में दिखाया है, इसलिए वह आपके GSTR-2B में दिखता है (धारा 16(2)(aa))। क्रेडिट सिर्फ़ उन्हीं बिलों पर लिया जाता है जो वहां दिखें।
- सप्लायर ने सच में टैक्स सरकार को जमा किया है।
- आपने अपना रिटर्न (GSTR-3B) भरा है।
सप्लायर को 180 दिन में पेमेंट करें
अगर आप इनवॉइस की तारीख़ से 180 दिन में सप्लायर को बिल की कीमत और जीएसटी नहीं देते, तो क्रेडिट ब्याज के साथ अपने टैक्स में वापस जोड़ना होता है (धारा 16(2) का दूसरा प्रावधान और रूल 37)। बाद में पेमेंट करने पर क्रेडिट फिर ले सकते हैं। यहां की "बकाया › देना है" लिस्ट बिलों को उम्र के हिसाब से दिखाती है, इसलिए 180 दिन के पास वाले बिल साफ़ दिखते हैं।
समय सीमा
किसी बिल का क्रेडिट उस बिल के वित्तीय वर्ष के ख़त्म होने के बाद 30 नवंबर तक, या उस साल का सालाना रिटर्न भरने की तारीख़ तक, जो पहले हो, लेना होता है (धारा 16(4))। 2026-27 का बिल ज़्यादा से ज़्यादा 30 नवंबर 2027 तक क्लेम करना है। उसके बाद छूटा क्रेडिट चला जाता है।
जो क्रेडिट कभी नहीं मिलता
धारा 17(5) कुछ खरीद पर क्रेडिट रोकती है, बिल सही होने पर भी। छोटे बिज़नेस के लिए आम वाले:
- 13 लोगों तक की कार और दूसरी मोटर गाड़ियां, और उनकी मरम्मत और बीमा, जब तक आप गाड़ियों का व्यापार, सवारी ढोने का काम या ड्राइविंग सिखाने का काम न करते हों।
- खाना-पीना, आउटडोर कैटरिंग, ब्यूटी ट्रीटमेंट, हेल्थ सर्विस, क्लब या जिम मेंबरशिप, सिवाय तब जब आप भी वही सर्विस बेचते हों या कानून स्टाफ को देना ज़रूरी करता हो।
- अपनी बिल्डिंग बनाना या मरम्मत (प्लांट और मशीनरी के सिवा), भले खर्च एसेट में जोड़ा जाए।
- खोया, चोरी, नष्ट, राइट-ऑफ़ हुआ माल, या गिफ्ट या फ्री सैंपल में दिया माल।
- कंपोज़िशन स्कीम में दिया टैक्स, और धोखाधड़ी या जानबूझकर ग़लत बयान की वजह से दिया टैक्स।
हर महीने की एक जांच जो क्रेडिट बचाती है
- महीने का परचेज़ रजिस्टर प्रिंट करें।
- उसी महीने का GSTR-2B जीएसटी पोर्टल पर खोलें।
- हर बिल को दोनों में टिक करें। जो बिल रजिस्टर में है पर GSTR-2B में नहीं, उसे सप्लायर ने अपलोड नहीं किया: उसके अगला रिटर्न भरने से पहले फोन करें।
- GSTR-3B में सिर्फ़ वही क्लेम करें जो GSTR-2B में है और ब्लॉक्ड नहीं है।
यह पेज आम नियम समझाता है। कैपिटल गुड्स, मिली-जुली (टैक्सेबल और छूट वाली) बिक्री, और कुछ भी अलग हो तो क्रेडिट का फ़ैसला आपका अकाउंटेंट करे।